लम्पी स्किन से जुड़ी ये 7 बातें बताती हैं कि भारत में कुछ ऐसी है इस रोग की स्थिति

लम्पी स्किन डिजीज एक वायरस संक्रमण है, जो प्रमुख रूप से गायों को ही प्रभावित करता है। हालांकि, इसके लक्षण भैसों व अन्य जानवरों में भी देखे जा रहे हैं, लेकिन प्रमुख रूप से यह गायों में देखा जा रहा है।

लम्पी स्किन डिजीज का कारण बनने वाले वायरस का नाम कैपरीपॉक्सवायरस है, जो पॉक्सविरिडे वायरस परिवार से है।

लम्पी स्किन डिजीज का कारण बनने वाले वायरस का नाम कैपरीपॉक्सवायरस है, जो पॉक्सविरिडे वायरस परिवार से है।

इस बीमारी में जानवर की त्वचा पर गांठ बनने लगती है और उसे बुखार आने लगता है, गंभीर मामलों में इससे संक्रमित जानवर की मृत्यु भी हो सकती है।

भारत में लम्पी स्किन डिजीज का पहला मामला 23 अप्रैल को गुजरात के कच्छ इलाके में देखा गया था।

इसके बाद यह बीमारी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और जम्मू कश्मीर तक फैल गया।

सरकार गॉट पॉक्स वैक्सीन को 100 प्रतिशत प्रभावी होने का दावा कर रही है और प्रभावित हिस्सों में 1.5 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। भारत में मवेशियों की कुल संख्या 20 करोड़ के लगभग है।